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देहरादून में समर वैली स्कूल विवाद: पेपर लीक और रिश्वत के आरोपों से मचा बवाल

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित समर वैली स्कूल में पेपर लीक और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों ने शिक्षा जगत को हिला कर रख दिया है। गुरुवार को स्कूल के बाहर 11वीं कक्षा के छात्रों के अभिभावकों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए स्कूल प्रशासन और शिक्षकों पर जानबूझकर छात्रों को फेल करने, पेपर लीक करने और रिश्वत लेने के संगीन आरोप लगाए।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
आरोपों के मुताबिक, स्कूल में 11वीं कक्षा के 37 छात्रों को मनमाने ढंग से फेल किया गया, जबकि जिन छात्रों ने शिक्षकों से ट्यूशन ली या कथित रूप से रिश्वत दी, उन्हें आसानी से पास कर दिया गया। इस कथित भेदभाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभिभावकों ने स्कूल गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया, जिसमें राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

गंभीर आरोपों की सूची:

गणित शिक्षक आशीष कुमार यादव पर 12,000 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप (तारीख: 16 फरवरी 2025)।

केमिस्ट्री का यूनिट टेस्ट पेपर 23 जनवरी को लीक हुआ, जबकि परीक्षा 27 जनवरी को थी।

फिजिक्स का फाइनल पेपर 20 फरवरी को लीक किया गया, परीक्षा 27 फरवरी को हुई।

फिजिक्स का यूनिट टेस्ट पेपर 28 जनवरी को लीक हुआ, परीक्षा चार दिन बाद थी।


प्रमाण और दस्तावेज
प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को व्हाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट और लीक हुए प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइलें भी साझा कीं, जिनसे आरोपों की गंभीरता और सच्चाई की ओर संकेत मिलता है।

राजनीतिक हस्तक्षेप और मांगें
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने इस पूरे प्रकरण को शिक्षा के क्षेत्र में "भ्रष्टाचार का घिनौना चेहरा" बताते हुए दोषियों पर नकल विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि बाल संरक्षण आयोग ने स्कूल को सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का आदेश दिया था, जिसे स्कूल ने नजरअंदाज कर दिया।

शिकायत और चेतावनी
अभिभावकों ने मानवाधिकार आयोग, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में शिकायतें दर्ज कर दी हैं। सेमवाल ने चेतावनी दी कि यदि स्कूल ने आदेशों का पालन नहीं किया, तो पार्टी और अभिभावक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।

स्कूल की चुप्पी
अब तक समर वैली स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शन के दौरान स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी हुई और आंदोलन की चेतावनी दी गई।

क्या आगे होगा?
देहरादून में शिक्षा व्यवस्था की साख पर उठे इस सवाल ने राज्य भर में हलचल मचा दी है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। यह देखना बाकी है कि क्या स्कूल प्रबंधन आरोपों का जवाब देता है या मामला और गहराता है।

हिमालयन लाइव ब्यूरो

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