Date Filter

News

गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी के उदयीमान लेखकों को हर वर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान दिया जाएगा- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून।
उत्तराखंड सरकार ने प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार की ओर से प्रथम बार लोक भाषाओं व लोक साहित्य में कुमाऊँनी, गढ़वाली अन्य उत्तराखण्ड की बोलियों व उपबोलियों, पंजाबी एवं उर्दू में दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन व अनवरत साहित्य सेवा तथा हिन्दी में उत्कृष्ट महाकाव्य/खण्डकाव्य रचना, काव्य रचना कथा साहित्य व अन्य गद्य विधाओं के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही गढ़वाली, कुमाऊँनी व जौनसारी तीन लोक भाषाओं तथा हिन्दी भाषा में चार नवोदित उदयीमान लेखकों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाएगा। आगामी मई माह में भव्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट साहित्यकारों को उक्त पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने उत्तराखण्ड के ऐसे रचनाकारों, जो अर्थाभाव के कारण अपनी पुस्तकों का प्रकाशन नहीं करा पाते हैं, उन्हें उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में आंशिक अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने राज्य के प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय भाषा सम्मेलन आयोजन करने के निर्देश भी दिए। यह भाषा संस्थान की एक बहुआयामी योजना होगी जिसमें शोध पत्रों का वाचन, भाषा संबंधी विचार विनिमय, साहित्यिक शोभायात्रा, लोक भाषा सम्मेलन आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के प्रत्येक जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल/ई पुस्तकालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्य में नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ मिलकर पुस्तक मेले का आयोजन तथा पुस्तक मेले में साहित्यिक संगोष्ठियों के आयोजन पर भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही राज्यभर में सुविख्यात लेखकों की व्यखानमालाएं आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हमारी लोक भाषाएं एवं बोलियां हमारी पहचान और गौरव है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं, बोलियों व संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरन्तर प्रयासरत है।

बैठक में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा साहित्यिक एवं शोध पत्रिकाओं के प्रकाशन पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही लोक भाषाओं के मानकीकरण हेतु कार्यशालाओं व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु भी स्वीकृति दी गई। सम्बन्धित अधिकारियों ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में गढ़वाली, कुमाउनी व जौनसारी बोलियों को बोलने वाले व लिखने वाले अलग-अलग हैं, जिनके लेखन में शब्दों का औच्चारणिक विभेद है। गढ़वाली एवं कुमाउनी बोली भाषा के औच्चारणिक एवं वर्तनी के मानकीकरण की अत्यंत आवश्यकता है। यह शिविर गढ़वाल एवं कुमाउं मण्डल में आयोजित किए जाएंगे। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा उत्तराखण्ड में जनपद तथा राज्य स्तरीय भाषायी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।


(हिमालयन लाइव ब्यूरो)

You May Also Like

Leave A Reply

Latest Newst

  • पौड़ी को विज्ञान संग्रहालय की सौगात, कंडोलिया महोत्सव बनेगा राजकीय आयोजन: सीएम धामी
  • देवभूमि परिवार आईडी को मंजूरी, 15 साल से रह रहे लोगों को मिलेगा लाभ
  • कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई UKSSSC परीक्षा, 73% अभ्यर्थी हुए शामिल
  • विकासनगर में खूनी संघर्ष के बाद भड़का बवाल, एक की मौत से बढ़ा तनाव
  • गढ़वाल में दौड़ेगी ट्रेन, 2028 में ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
  • राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति में IMA से पास आउट हुए 515 नए सैन्य अधिकारी
  • मानसून आपदाओं पर अलर्ट मोड में उत्तराखंड, विशेषज्ञों ने साझा किए समाधान
  • NABARD Holds Workshop on Rural Livelihoods and Skill Development in Uttarakhand
  • स्वास्थ्य सेवाओं से दूर पहाड़, इलाज के लिए आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
  • हरिद्वार कुंभ-2027: स्वच्छता और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के लिए 115.61 करोड़ की मंजूरी
  • उत्तराखंड में रेरा होगा और सख्त, अवैध प्लॉटिंग पर कसेगा शिकंजा
  • देहरादून बनेगा दालचीनी खेती का वैश्विक केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
  • मसूरी में बड़ा सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, चार लोगों की मौत
  • NEET और UKSSSC परीक्षाओं से पहले अलर्ट मोड में उत्तराखंड प्रशासन
  • पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया शिकार, वन विभाग ने किया ढेर
  • सस्ती दवा पड़ सकती है महंगी, नकली दवाओं पर STF की सख्त चेतावनी
  • साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा फंसा हुआ पैसा
  • देहरादून में NSUI का सचिवालय घेराव, पुलिस से भिड़ंत के बाद चला वाटर कैनन
  • विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर सीएम सख्त, 6940 करोड़ की 12 परियोजनाओं की समीक्षा
  • देवभूमि में हुड़दंगियों पर एक्शन, पर्यटन सीजन में बढ़ी चुनौती

Stay Connected With Us

Subscribe Us